आरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) विश्व की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन है एक ऐसी विचारधारा है जो अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नही करती, वैसे कहने को तो RSS एक गैर राजनीतिक संगठन है लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एक राजनीतिक संगठन के तौर पर काम करती जान पड़ती है तभी तो RSS के जिला के पदाधिकारी और वरीय कार्यकर्ता विधान सभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख सहयोगी दल और NDA बिहार का सबसे बड़ी पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की जद (यू) को हराने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। इस विषय का स्पष्ट उदाहरण भोजपुर जिले के संदेश विधानसभा सीट है जहाँ RSS के जिला सम्पर्क अधिकारी सुनील जी और RSS आरा नगर के छात्र प्रमुख विक्की जी साथ ही RSS के अभिन्न अंग ABVP के राष्ट्रीय नेता के. डी. यादव ने NDA के विरोध में चुनावी मैदान में लोजपा प्रत्याशी के पक्ष में जमकर प्रचार किया और किसी कीमत पर संघ के विचारधारा को मानने से इनकार करते रहे वही घटक दल के नेताओ द्वारा इन पर आपत्ति जताई गई तब RSS के भी शीर्ष प्रदेश के अधिकारियों ने इनको संगठन से तालुक्क न होने की बात कही लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ कि पुनः ये सभी लोग अपने पुराने घर मे सकुशल वापस होकर सक्रिय दिखने लगे।

आज RSS के एक कार्यक्रम शरद पूर्णिमा में ये सभी पूरी सक्रियता और तन्मयता से कार्यक्रम के भागीदार रहे। आखिर RSS का दोहरा चरित्र भाजपा के सबसे बड़े सहयोगी और बिहार NDA के सबसे बड़े घटक दल को चुनाव हराने में क्यों तुला है। फिलहाल भोजपुर में चुनाव तो सम्पन्न हो गया लेकिन चुनाव के दौरान के ये कृत अजब गजब सवाल छोड़ गया।। क्योंकि सन्देश विधानसभा में यदि NDA चुनाव हारेगी तो कमोबेश RSS के इस भितरघात का भी पूर्ण सहयोग होगा।।
फिलहाल देखना ये है कि ऐसी स्थिति कही पूरे बिहार में न हो।।

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