• मधुमेह सम्पूर्ण शरीर को करता है प्रभावित
• खून में चीनी की मात्रा को नियंत्रित करने की है आवश्यकता
• खान-पान पर रहें विशेष ध्यान
आरा। बदलते जीवन शैली से प्रभावित रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण कोरोना काल में मधुमेह पीड़ितों की संख्या काफी बढ़ी है। इस रोग के तथ्यों पर शोध करने वाली संस्था इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन के अनुसार 2019 तक भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 7.7 करोड़ थी। वर्तमान स्थिति में प्रत्येक 10 में से 1 व्यक्ति मधुमेह से ग्रस्त हैं। यह उम्रदराज लोगों, गर्भवती महिलाओं और शिशुओं या जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर, कमजोर इमम्युनिटी जैसी स्वास्थ्य समस्या है उनके लिए ज्यादा नुकसानदायक है।
सिविल सर्जन डॉ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने बताया मधुमेह एक गंभीर रोग है जो शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित करता है। खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे रोगी के आंत (इंटेस्टाइन)में सूजन और जलन बढ़ जाती है। लंबे समय तक इलाज नहीं होने पर यह आंखों की रौशनी और किडनी को खराब कर देता है और हृदयाघात की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। मधुमेह से बचने का सबसे बेहतर उपाय यह है कि रोग को शुरुआती दौर में ही पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाए, ताकि इसे बढ़ने से रोका जा सके और मधुमेह नियंत्रण लक्ष्य 2025 को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
ये हैं मधुमेह के लक्षण:
• बार-बार पेशाब लगना
• अत्यधिक प्यास लगना
• अस्वाभाविक रूप से वजन का कम होना
• थकान
• आँखों से धुंधला दिखना
• मानसिक तनाव
• त्वचा में संक्रमण या खुजली होना
• बार-बार भूख लगना
• घाव या कट जाने पर जल्दी ठीक नहीं होना
• बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या का बढ़ जाना
• महिलाओं में माहवारी समस्या या समय पूर्व बंद हो जाना
किन बातों का रखें ध्यान :
कोरोना के कारण मधुमेह रोगियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। अपना ब्लड शुगर नियमित अंतराल पर नापते रहें। खांसी, बुखार या सांस लेने में असुविधा होने पर नजरंदाज न करें और चिकित्सक की सलाह लें। खान- पान का विशेष ध्यान रखें ताकि चीनी की मात्रा नियंत्रित रहे। हल्का – फुल्का व्यायाम, सुबह में टहलना, हल्के आसन करते रहना चाहिए। विशेष रूप से डायबिटिक गर्भवती महिलाएं स्टार्च युक्त भोजन करने से परहेज करें और हल्का व्यायाम जरूर करें। इससे मां और गर्भस्थ शिशु का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इस दौरान प्रसव पूर्व जांच के अंतर्गत होने वाले (खून जांच, पेशाब जांच, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और अल्ट्रासाउंड)सभी टेस्ट को जरूर करवाएं। ताकि ससमय शुगर का इलाज हो सके और स्वास्थ्य केंद्र से उसके लिए निशुल्क दवा भी प्राप्त हो सके।
खान पान में करें ये शामिल:
मधुमेह पीड़ित रोगियों के लिए जामुन दवा की तरह काम करता है। इसके अलावा आहार में ज्यादा से ज्यादा फाइबर, साबुत अनाज और हरी सब्जियां जैसे: मेथी, लौकी, करेला, तोरी, शलजम, प्याज, लहसुन, टमाटर, बथुआ, पालक, बंदगोभी पत्तेदार सब्जी, धनियां, सलाद खट्टे फल शामिल करें। मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में कैलोरी की मात्रा कम लेनी चाहिए। चावल खाने से बेहतर ज्यादा मात्रा में रोटी खानी चाहिए। खासकर आटे में दो भाग गेहूं, एक भाग चना, एक भाग सोयाबीन मिलाकर बनी रोटी ज्यादा फायदेमंद हैं।

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