• 30 अप्रैल तक छुट्टी के दिनों में भी टीकाकरण सत्र स्थलों का किया जाएगा संचालन
  • स्वास्थ्य विभाग ने सत्र संचालन में वृद्धि करने का दिया निर्देश
    आरा, 13 अप्रैल | जिले के 45 वर्ष से कम उम्र के स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए अच्छी खबर है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने अब 18 से लेकर 44 वर्ष तक के छूटे हुए कर्मियों व वर्कर्स को टीकाकृत करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन के नामित एक पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने छूटे हुए कर्मियों को कोविड-19 का टीका देने और सत्र स्थलों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। पत्र में उन्होंने बताया है कि छूटे हुए कर्मियों का रजिस्ट्रेशन केवल सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर ऑन द स्पॉट किया जाएगा। इसके लिए उन्हें फोटो युक्त मूल पहचान पत्र के साथ एम्प्लॉय सर्टिफिकेट की कॉपी देनी होगी। वहीं, उनको टीकाकृत करने के पूर्व उनका एम्प्लॉय सर्टिफिकेट भी कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिसकी जवाबदेही सत्र स्थल के सत्यापनकर्ता या साइट मैनेजर की होगी।
    छुट्टी के दिनों में भी होगा सत्र का संचालन :
    पत्र में यह भी निदेशित किया गया है कि अब 30 अप्रैल तक छुट्टी के दिनों (गजेटेड हॉलिडे) में भी सत्र का संचालन किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि 45 वर्ष व उससे अधिक के लक्षित समूह को अधिक से अधिक टीकाकृत किया जा सके। इसके साथ ही लाभार्थी के टीकाकरण किए जाने के पश्चात सभी लाभार्थी को अनिवार्य रूप से प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा। प्रमाण पत्र मुद्रण में कठिनाई होने की स्थिति में लाभार्थी को दिए गए टीका की विवरणी सहित आगे देय टीका की तिथि प्रारूप में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
    अन्य विभागों के कम्प्यूटर ऑपरेटर होंगे तैनात :
    पत्र में सहायक निदेशक ने यह स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थर पर कोविड-19 टीकाकरण सत्र के आयोजन हेतु टीका कर्मियों का रोस्टर वार कार्य वितरित किया जाए। जिसके आधार पर टीका कर्मी से टीकाकरण का कार्य संपादित कराया जाएगा। इसके साथ ही कोविन पोर्टल पर लाभार्थियों के सत्यापन, प्रविष्टि आदि कार्यों के निष्पादन हेतु प्रखंड स्तर पर कार्यरत अन्य विभागों मसलन पंचायती राज, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, ग्रामीण विकास, नगर विकास एवं आवास, पशुपालन विभाग आदि के कंप्यूटर कार्य में दक्ष ऑपरेटरों की सेवा ली जाएगी। साथ ही, इन्हें कोविन पोर्टल से संबंधित कार्यों जैसे लाभार्थियों के सत्यापन पोर्टल पर प्रविष्टि आदि संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा।

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