• सरकार के सहयोग से भोजपुर बेटी को मिली नई जिंदगी, दिल के छेद का ऑपेरशन हो सका संभव
  • लाभार्थी बच्ची के पिता ने आरबीएसके की टीम और सरकार को दिया धन्यवाद
    आरा, 20 अप्रैल | कहा जाता है कि बच्चे माता-पिता के दिल की धड़कन होते हैं। यदि उन्हीं बच्चों को दिल की बीमारी हो तो अभिभावकों पर क्या गुजरती होगी आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। लेकिन, आज के इस विज्ञान प्रौद्योगिकी के दौर में ज्यादातर लाइलाज बीमारियों को ठीक करने का तरीका खोजा जा चुका है। इन्हीं बीमारियों में से एक है दिल में छेद की बीमारी| मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना की शुरुआत गरीब परिवार के बच्चों के लिए की गई। जिसके तहत अब तक दो दर्जन के करीब बच्चों के दिल में हुए छेद को भरकर उनके परिजनों की खुशियां लौटाई गयी। हाल ही में जिला मुख्यालय स्थित जगदेव नगर निवासी अखिलेश कुमार शर्मा की बेटी बेबी पलक को भी इस योजना का लाभ मिला। जिसके बाद परिवार का हर सदस्य काफी प्रसन्न है।
    लक्षण दिखने पर जांच के लिए भेजा गया पटना :
    भोजपुर जिले के राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (आरबीएसके) जिला कोर्डिनेटर डॉ. पंकज कुमार ने बताया अखिलेश कुमार व उनकी पत्नी अपनी बेटी के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आये थे। जहां पर जांच के क्रम में चिकित्सकों के द्वारा उक्त बीमारी के लक्षण दिखे। जिसके बाद मामले की जानकारी आरबीएसके की टीम को दी गई। रिपोर्ट आने के बाद बच्ची को स्क्रीनिंग के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) भेजा गया। जहां अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल से आये चिकित्सकों ने बच्ची उसके ह्रदय में छेद की पुष्टि की। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अहमदाबाद भेजने की तैयारी की जाने लगी।
    बेबी पलक का हुआ निःशुल्क व सफल ऑपरेशन :
    बेबी पलक के अभिभावक जब पूरी तरह से आश्वस्त गए तब उनके सहयोग से डॉ. पंकज कुमार ने सभी आवश्यक कागजात तैयार कर मुख्यालय भेजा । तत्पश्चात मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद बच्ची और उसके अभिभावक को विमान से अहमदाबाद ले जाने के लिए एम्बुलेंस से आरा से पटना भेजा गया। जहां पर अन्य जिलों से आए हुए बच्चों के साथ एक- एक अभिभावकों को विमान से अहमदाबाद भेज दिया गया। जहां सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची के ह्रदय का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन किया। उसके बाद बच्ची और उसके अभिभावक सकुशल से अहमदाबाद से पटना और फिर एम्बुलेंस से अपने घर लौट आए। ऑपरेशन के बाद बेबी पलक अभी बिल्कुल स्वस्थ है।
    ऑपेरशन के बाद लौटी परिवार की खुशी :
    अखिलेश कुमार शर्मा ने बताया जब पटना में हुए स्क्रीनिंग में उन्हें बेटी के ह्रदय में छेद की जानकारी हुई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं, उनकी पत्नी बिल्कुल ही सन्न हो गईं। ऐसे समय में आरबीएसके के जिला कोर्डिनेटर डॉ. पंकज कुमार ने हौसला दिया और कहा आपकी बच्ची के ह्रदय का राज्य सरकार कि पहल पर राज्य से बाहर निःशुल्क ऑपरेशन किया जा सकता है। उनके सहयोग व सलाह के बदौलत ही आज मेरी बच्ची के ह्रदय का ऑपरेशन हो सका। मेरी बच्ची आज पूरी तरह से स्वस्थ है, जिसका पूरा श्रेय राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना का है। जिसकी बदौलत आज मेरी तरह कई परिवारों को खुशियों की सौगात मिल सकी है। जिसका आभार हम कई जन्मों में नहीं चुका सकेंगे।