• अच्छी सेहत के लिए उन्हें चाहिए सही खुराक और पर्याप्त नींद
    -महिलाएं अपना और शिशु का स्वयं रखें ध्यान
    आरा , 21 अप्रैल| कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद आम लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को भी खास सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हें विशेष रूप से खुद का और अपने बच्चे का ध्यान रखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं की सेहत का सीधा असर उनके गर्भस्थ बच्चे पर पड़ता है। इसलिए उनके लिए सही खुराक और सही नींद बेहद जरूरी है। यदि इस समय आप गर्भवती हैं तो तनाव से दूर रहने की कोशिश करें । कम से कम 8 घंटे की भरपूर नींद लें। साथ ही पौष्टिक आहार वाली खुराक लें और खुश रहें ।
    साँस लेने में तकलीफ या सर्दी खांसी और बुखार को न करें नजरंदाज : :
    अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिनोद कुमार ने बताया संक्रमण के फैलाव को देखते हुये फिलहाल सबको काफी सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए अगर गर्भवती महिला को बुखार जैसा महसूस हो सर्दी-खांसी या या फिर सांस लेने में किसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हो तो नजरंदाज नहीं करें, और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। सबसे जरूरी ये है कि घबराएँ नहीं तथा अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनिक डॉक्टर) , आशा कार्यकर्ता या हेल्थकेयर से संपर्क करें।
    साफ सफाई का रखें खास ख्याल :
    अभी सभी को अपने आसपास और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। विशेष तौर पर गर्भवती अपने हाथों को अल्कोहलयुक्त साबुन और स्वच्छ पानी से दिन में कई बार रगड़ कर धोएं। अगर आप ऐसी जगह हैं जहां पानी की कमी है तो अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। कुछ भी काम करने से पहले और बाद में सैनिटाइजर का इस्तेमाल अवश्य करें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खाने का बर्तन व पहनने वाले कपड़े अच्छे साफ- सुथरे होने चाहिए। इसके साथ ही आपके रहने का स्थान भी सैनिटाइज्ड होना चाहिए।
    संक्रमण को लेकर तनाव ग्रस्त होने से बचें:
    संक्रमण के बारे में ज्यादा न सोचें नहीं घबराएँ , इससे आप तनावग्रस्त होंगी। इसके बदले कोरोना वायरस के बारे में विश्वसनीय सूत्रों ( विश्व स्वास्थ्य संगठन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ) द्वारा दी गई जानकारी से खुद को जागरूक बनाएँ और अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। साधारण फ्लू और कोरोना वायरस में अंतर को समझें, दोनों के लक्षणों पर गौर करें। अगर आपको किसी प्रकार के कोई लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। शरीर के तापमान जाँच करवाते रहें। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। अगर किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में गलती से आ भी गए हैं तो अपने तापमान की निगरानी रखें, इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहें और खुद को आइसोलेट करें।
    कोरोना गाइडलाइंस का करें सख्ती से पालन :
    इस समय गर्भवतियों को सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है। आवश्यक होने पर फेस कवर या मास्क पहनकर निकलें और घर आकार ही उतारें। खांसी जुकाम से पीड़ित लोगों के संपर्क में आने से और बाहर से आए लोगों से मिलने से परहेज करें। इन बातों का रखें ख्याल-
  • एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
  • अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
  • आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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