• अनुलोम विलोम और प्राणायाम नए स्ट्रेन से बचाव में कारगर
  • नवजातों की इम्युनिटी के लिए केवल स्तनपान, बड़ों के लिए बेहतर खान-पान

आरा, 25 अप्रैल | कोरोना की दूसरी लहर पहले से भी ज्यादा संक्रामक बनती जा रही है। सभी के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इससे निजात कैसे मिले। इस दौरान एक महत्वपूर्ण बात जो स्पष्ट तौर पर सभी के समझ में आई वो है रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) की जरूरत। इम्युनिटी शरीर की वो प्रणाली है जो हमें रोगों से सुरक्षित रखती है। जिसके लिए जरूरी है कि हम अपने खानपान का विशेष ख्याल रखें और आहार में ऐसी साग सब्जियों और वस्तुओं का इस्तेमाल करें जिससे हमारी इम्युनिटी बढ़े। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए कई उपाय बताये हैं।
भोजन को बनाएं इम्युनिटी बूस्टर की तरह :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा बताते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए जरूरी नहीं है की महंगे फलों एवं टॉनिक्स का सहारा लिया जाय। सामान्य भोजन में भी कुछ बातों पर ध्यान देकर अपनी इम्युनिटी मजबूत कर सकते हैं।
• खट्टे फल द्वारा प्राप्त विटामिन-सी सर्वश्रेष्ठ इम्युनिटी बूस्टर है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा नींबू, आंवला, संतरे व दूसरे फल को भोजन में शामिल करें।
• प्रोटीन व फाइबर के लिए आहार में अंकुरित अनाज लेकर प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।
• मौसमी फलों एवं हरी पत्तीदार र सब्जियों जैसे- पालक, लाल व हरा साग, टमाटर, गाजर, चुकन्दर, आदि शामिल करें।
• आहार में हल्दी, जीरा, लहसुन और धनिया का इस्तेमाल करें, इनके एंटी ऑक्सीडेंट रोगप्रतिरोधक शक्ति बढ़ाते हैं।
• गर्म या गुनगुना पानी पीने से सर्दी-खांसी से बचाव, रक्त संचार तेज, कब्ज से राहत और रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत होती है, इसलिए गरम पानी पीयें।
• फिलहाल गर्मी से राहत पाने और कोरोना से बचने के लिए भी ज्यादा से ज्यादा तरल भोजन, नारियल पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
नियमित 30 मिनट अनुलोम विलोम और प्रणायाम आवश्यक :
कोरोना की के नए लहर के इस नए स्ट्रेन में संक्रमितों को ऑक्सीज़न की कमी से जूझते देख जा रहा है। कई लोगों की इससे मृत्यु भी हो गयी है। इसलिए नियमित अनुलोम-विलोम करें जिससे शरीर में पर्याप्त ऑक्सीज़न उपलब्ध हो। इसके अलावा योगासन से पसीने के जरिये टॉक्सिन निकल जाने से शरीर रोग मुक्त होता है, जैसे घुटने का दर्द, गठिया, सायटिका अस्थमा, माइग्रेन जैसे रोग भी ठीक हो जाते हैं। योगासन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बहुत मददगार है। इसलिए नियमित योग करें। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेने और तनाव मुक्त रहना भी मजबूत इम्युनिटी के लिए जरूरी है।
नवजातों को स्तनपान करवाना नहीं छोड़े :
नवजातों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी तत्व मां के दूध में ही मिल जाते हैं। जन्म के तुरंत बाद का गाढ़ा पीला दूध उनके लिए सबसे बड़ा बूस्टर है। इसलिए 6 माह तक उन्हे केवल दूध दें। बड़ों के खान पान का ख्याल रखें।
पूर्ण टीकाकरण व कोविड अनुकूल आचरण का करें पालन :
कोरोना संक्रमण से पूरी तरह बचाव के लिए इन बातों का ख्याल रखने के साथ टीके का दोनों डोज़ लेना बिलकुल न भूलें। याद रहे संक्रमण चक्र तोड़ना है तो सभी का टीकाकरण जरूरी है और टीका लग जाने के बाद भी कोविड अनुकूल आचरण का पालन करें।

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