आरा,28 अप्रैल. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजिक कार्यकर्ता रवीश कुमार की प्रथम पुत्री व उनकी बड़ी भाभी आशा श्रीवास्तव ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया. शिखा श्रीवास्तव आरा रंगमंच के वरिष्ठ रंगकर्मी मनोज श्रीवास्तव की बहन तथा आशा श्रीवास्तव उनकी चाची थी. शिखा का निधन मंगलवार की सुबह लगभग 8 बजे दानापुर मिलिट्री हॉस्पिटल में हो गया. वह 30 वर्ष की थी. वही आशा श्रीवास्तव का निधन दानापुर रेलवे हॉस्पिटल में बुधवार लगभग 3.30बजे दोपहर को हो गया. आशा देवी ने लगभग 10 साल पहले अपने पति को एक किडनी दान दिया था. उनके पति स्व. अशोक श्रीवास्तव रेलवे में गार्ड थे. वे पिछले एक हफ्ते से कोविड पॉजिटिव होने के बाद ऑक्सीजन पर थीं. मंगलवार से उनका ऑक्सीजन लेवल 40 से ऊपर बढ़ ही नही रहा था और बुधवार की दोपहर में आखिरकर उन्होंने दम तोड़ ही दिया. वे अपने पीछे एक बेटे, 3 बेटियों के साथ नाती-पोतों के साथ भरा पूरा परिवार छोड़कर गयी हैं.

वही भाजपा नेता की बेटी शिखा के पति राकेश रौशन भारतीय वायु सेना के सैनिक है जो ग्वालियर मे पोस्टेड है. शिखा अपने चाचा की लड़की की शादी में शामिल होने के लिये 10 अप्रैल को आरा अपने मायके आई हुई थी. हालाँकि कोरोना की वजह से शादी का डेट भी आगे के लिए टाल दिया गया, जिसे परिस्थिति सामान्य होने के बाद तय किया जाएगा, लेकिन 23 अप्रैल को रात में करीब 11बजे अचानक तबियत बगड़ी और साँस लेने में तकलीफ होने लगी तो उसे दानापुर मिलिटरी हॉस्पीटल मे भर्ती कराया गया. कोविड जांच में उसका रिपोर्ट भी पॉजिटिव आया. जिसके बाद वह अस्पताल में ही लगातार आक्सीजन के सहारे थी. लेकिन ऑक्सीजन लेबल 70 से ऊपर आ ही नहीं रहा था. जिसके चलते 27 अप्रैल को सुबह 8 बजे मिलिटरी हास्पीटल में ही दम तोड़ दिया. रंगकर्मी मनोज व भाजपा नेता की बेटी शिखा का अंतिम संस्कार पटना स्थित बांस घाट पर मंगलवार को किया गया. शिखा अपने पीछे अपने सात वर्षीय बच्चे को छोड़ कर गई है.

एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत के बाद आरा के रंगकर्मियों में दुःख व्याप्त है. अपने सहकर्मी कलाकार की बहन और उनकी चाची की मौत के बाद आरा रंगमंच कार्यालय मे शोक सभा आयोजित किया गया. जिसमें सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह, महासचिव अशोक मानव, वरिष्ठ रंगकर्मी ओ०पी० पाण्डेय, अनिल कुमार तिवारी उर्फ दीपू ,पंकज भट्ट, मनोज श्रीवास्तव, साहेब, व लड्डू भोपाली ने श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी संवेदना व्यक्त की और दो मिनट का मौन रखा. कोरोना संक्रमण की वजह से ज्यादातर लोगों ने रंगकर्मी मनोज को फोन पर ही बात कर अपनी संवेदना जतायी और परिवार को ढाढस बनाया.

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