• कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को संयम और धैर्य रखने की दी सलाह
  • सकारात्मक सोच के साथ इलाज कराने पर जल्द रिकवर हो रहे हैं लोग
    आरा, 30 अप्रैल | किसी भी रोग से प्राथमिक लड़ाई इंसान के शरीर में स्थित प्रतिरोधक क्षमता से होती है। चाहे वह सामान्य बुखार हो या कोरोना का संक्रमण। सर्वप्रथम शरीर खुद विभिन्न रोगों के जीवाणुओं से लड़ता है। अगर किसी भी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने लगती है तो वह तरह-तरह की बीमारियों से पीड़ित होने लगते हैं। इसलिए, हर व्यक्ति को अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर सजग रहने की जरूरत है। ताकि, किसी भी बीमारी की चपेट में आने के बाद उसे अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। वैश्विक महामारी के इस दौर में हमें रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने एवं बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार (भोजन) का सेवन जरूरी है। जिससे हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो और वह बीमारियों से लड़ सकें । रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से लोग शारीरिक एवं मानसिक रूप से भी मजबूत रहते हैं और संक्रामक बीमारियों से दूर रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर लोग संयम और धैर्य से काम लें।
    नकारात्मक विचार के लोगों से रहें दूर :
    जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने बताया विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी माना है कि घर पर रहकर ही 80 प्रतिशत से ज्यादा कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं। इसलिए घबराएं नहीं और अपनी सोच सकारात्मक रखें। सकारात्मक सोच रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि डर, चिंता और घबराहट की वजह से ही ऑक्सीजन के स्तर के साथ साथ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट होती है। जिसकी वजह से यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। उन्होंने बताया नकारात्मक बातों से मन विचलित होने लगता है। इसलिए इससे और इस स्वभाव के लोगों से दूर रहें। इसलिए जरूरी है कि संक्रमित मरीज चिकित्सकों की बताई गई दवाइयां नियमित रूप से लें, श्वसन संबंधी व्यायाम (ब्रीदिंग एक्सरसाइज) करें,भाप ( स्टीम) लें, गर्म पानी पीएं, हेल्दी खाना खाएं, अपने शरीर का तापमान (बॉडी टेम्परेचर) और ऑक्सीजन लेवल जाँचते (चेक) रहें। इससे जल्द स्वस्थ हो जाएंगे।
    भरपूर पानी का करना चाहिए सेवन :
    डॉ. सिन्हा ने बताया जो लोग इलाज के दौरान सकारात्मक रह रहे हैं, वह बाकी लोगों की अपेक्षा जल्द स्वस्थ हो रहे हैं। इसलिए मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए सकारात्मक होना होगा। साथ ही, विटामिन, कैल्शसयम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी है। उन्होंने बताया लोगों को अधिक देर तक भूखा न रहते हुए समय पर खाना खाना चाहिए और खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। ताकि, हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। समय पर भोजन-नाश्ता करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नींद पूरी लेना, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, तनाव से दूर रहना, नियमित रूप से 10 से 20 मिनट ध्यान करने, धूप में बैठकर विटामिन-डी लेने से इम्युन सिस्टम को मजबूती मिलती है। गुनगुना पानी पीना, नमक मिलाकर सुबह-शाम गरारा करना भी सुरक्षात्मक है।
    इन मानकों का करें पालन :
  • हमेशा शारीरिक-दूरी का पालन करें।
  • आवश्यकतानुसार बार-बार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
  • भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
  • मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।

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