• मरीज की हालत नाजुक होने पर परिजन पहुंच रहे हैं अस्पताल
  • वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में गंभीर मामले की संभावना होती है कम
    -संक्रमण से बचाव में मास्क सबसे बेहतर हथियार
    आरा, 05 मई | जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार ग्रामीण इलाकों की ओर होने लगा है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी चिंतित हैं। अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में लोग जानकारी के अभाव में कोरोना के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा मरीज को चुकाना पड़ रहा है। सिविल सर्जन डॉ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने बताया जितने भी कोरोना से मर्माहत हुए हैं या जिंदगी- मौत से जूझ रहे हैं, इनमें से अधिकतर लोगों ने कोरोना के शुरुआती लक्षण को दरकिनार किया। साथ ही, कोरोना के लक्षण के अनुरुप निर्धारित मानकों व नियमों का पालन नहीं किया। लोगों को समझना होगा कि उनकी जरा सी लापरवाही दिन ब दिन और विकराल रूप ले रही है। कोरोना को हम केवल सावधानी व धैर्य से रोक सकते हैं।
    संक्रमण से बचाव में मास्क सबसे बेहतर हथियार :
    डब्ल्यूएचओ ने भी कोरोना के प्रसार और गंभीर मामलों में वृद्धि न हो इसके लिए चार नियम बताए हैं। जिनका पालन कर हम खुद तो कोरोना के संक्रमण से बच ही सकते हैं, अपने परिजनों को भी संक्रमणमुक्त रख सकते हैं। डॉ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने बताया कोरोना संक्रमण की यह दूसरी लहर है। ऐसे में हम सब पहले से ही अवगत हैं कि संक्रमण से बचाव में मास्क सबसे बेहतर हथियार है। ऐसे में हम जब भी घर से बाहर या काम पर भी निकलें तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। मास्क लगाने के साथ ही इसे ठीक तरह से पहनने के नियमों का भी हमें पालन करना होगा। मास्क को पहनने के बाद साफ करना। ठीक से उतारना और हाथ साफ करना बिल्कुल न भूलें। डॉ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने बताया गंभीर परिस्थिति होने पर लोग मरीज को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जो बिल्कुल ही गलत है।
    लक्षण दिखते ही हो जाएं क़्वारेंटाइन :
    कोरोना के शुरुआती लक्षणों में बुखार आना, नाक बहना, खांसी, दस्त के अलावा गंध व स्वाद का चले जाना तथा सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। अगर आपमें इसमें से कोई भी लक्षण दिखे तो अपने आप को परिवार से अलग कर लें। लोगों के संपर्क में बिल्कुल न आएं। पर्याप्त आराम करें। दवाई लें। वहीं, कोरोना संक्रमण की जांच अनिवार्य रूप से कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ दवाओं का सेवन करें।
    कोविड संक्रमित होने पर घबराएं नहीं :
    कोविड संक्रमण के अधिकतर मामलों में होम आइसोलेशन में रह कर ही लोग ठीक हुए हैं। कुछ प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल या ऑक्सीजन की जरूरत महसूस होती है। प्रत्येक सरकारी अस्पताल से जांच कराने के उपरांत कुछ दवाइयों का किट दिया जाता है। जिसे आप एहतियातन ले सकते हैं। कोविड होने पर घबराएं नहीं। संक्रमण के दौर में लोगों को अपनी सोच सकारात्मक रखनी होगी। जिससे वह कोविड को मात देने में सक्षम होंगे ।
    कोरोना काल में यह भी ध्यान रखें –
    एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
  • अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
  • आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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