अच्छा एक्टर बनने के लिए एक्टर को डायलॉग याद रखना जरूरी : विष्णु शंकर बेलू

रंगमंच, फ़िल्म, सीरियल सभी के अलग अलग पैटर्न होते है : सत्यकाम

आरा। अभिनय एंड एक्टिव क्रिएटिव थिएटर के बारहवें दिन कार्यशाला की शुरुआत ब्रह्मास्त्र टोटल सेक्योर इंडिया प्रेसिडेंट अभिराम के द्वारा कांउटर वायलेंस और सेल्फ प्रोटेक्शन में सिशुऐशनल अवयरनेश, थ्रेट अनालाइसिस, नेगोशिएशन स्किल और आवश्यक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आत्मरक्षण और कांउटर वायलेंस से संबंधित तथ्यों के साथ स्ट्रक्चर तोड़ना और विभिन्न परिस्थितियों को नजर रखते हुए उनसे निपटने के गुर को सिखाए गए। उसके बाद आरा निवासी बॉलीवुड के निर्देशक व एक्टर विष्णु शंकर बेलू कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने बच्चों को नाटक और फ़िल्म के अंतरों को बारीकियों के साथ समझाया। उसके बाद सभी के सवालों का जवाब एक एक कर दिया। उन्होंने कहा कि रंगमंच को अभिनय का माध्यम होता है लेकिन सिनेमा निर्देशक का माध्यम होता है। रंगमंच में एक्ट लोगों के बीच में लाउड आवाज में किया जाता है और फिल्मों में वहीं काम कैमरा के सामने धीमी आवाज में सहजता के साथ करना होता है। एक एक्टर को क्लियर बोलना आना चाहिए। उसके लिए आवाज के लिए सभी को व्यायाम करना होगा। उन्होंने बताया कि मुंबई में लोग अभिनय करने आते है। उनमें से आपको अच्छा करना है। उन्होंने बताया कि एक अच्छा एक्टर बनने के लिए एक्टर को डायलॉग याद होना चाहिए।

बहुत लोगों को डायलॉग याद नहीं होते है। तो सबसे जरूरी है कि डायलॉग याद होना चाहिए। वहीं उन्होंने बताया कि अगर किसी को एक्टिंग में दिक्कतें आती है तो वो लोग आवाज की दुनियां यानी डबिंग में अपना करियर बना सकते है। वहीं जिन लोगों को एक्टिंग करनी है तो ऑडिशन जरूर दें। वहीं उन्होंने कई फ़िल्म अभिनेता की डबिंग करने बच्चों को सुनाई। वहीं उनके बाद बॉलीवुड के एक्टर सत्यकाम आनंद भी बच्चो के साथ कार्यशाला में जुड़े। उन्होंने सभी नए बच्चो को बूस्टअप किया। उन्होंने सिनेमा को और भी बारीकियों से बताया। उन्होंने नाटक के दौरान और फ़िल्म के दौरान होने वाले प्रॉब्लम को बताया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एक्टर को अपने कैरेक्टर को समझने के लिए मेहनत करना होगा। इसके साथ ही नाटक के पैटर्न और फ़िल्म, सीरियल के पैटर्न को बारीकियों से बताया। वहीं उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आपको सबकुछ सीखने के लिए मिलेगा। उसके बाद सभी बच्चों ने जो शार्ट फ़िल्म बनाये थे, उसको प्रस्तुत की गई।

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