पटना। कोरोना संक्रमण को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। उनका पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आ गया है। सभापति अवधेश नारायण सिंह के आप्त सचिव ने बात करते हुए इसकी पुष्टि की है। सभापति के आप्त सचिव भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।


परिवार और स्टाफ के 9 लोग संक्रमित, एम्स जा रहे अवधेश नाराय़ण सिंह

सभापति के परिवार के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अवधेश नारायण सिंह में कोरोना के लक्षण पाये गये थे. इसके बाद उनका टेस्ट किया गया. टेस्ट में अवधेश नारायण सिंह के साथ साथ उनके परिवार और स्टाफ के 9 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. उनके आप्त सचिव ने बताया कि अवधेश नारायण सिंह की स्थिति फिलहाल ठीक लग रही है. लेकिन इलाज के लिए उन्हें पटना एम्स ले जाया जा रहा है।


CM समेत कई प्रमुख लोगों पर खतरा
सभापति अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद बिहार के कई प्रमुख राजनेताओं पर खतरा मंडरा रहा है. पिछले 3-4 दिनों में अवधेश नारायण सिंह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ साथ कई प्रमुख और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से मिले हैं. एक जुलाई को बिहार विधान परिषद में नये विधान पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह था. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय चौधरी समेत बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार मौजूद थे.


सभापति नहीं कर रहे थे नियमों का पालन
कार्यक्रम की तस्वीरें बता रही हैं कि सभापति नीतीश कुमार, सुशील मोदी, विजय चौधरी और सभापति अवधेश नारायण सिंह के बीच फिजिकल डिस्टेंस भी कायदे के मुताबिक नहीं था. सभापति बगैर मास्क के थे. विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी और मंत्री श्रवण कुमार भी बैगर मास्क के थे.शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेने वाले सारे के सारे नये विधान पार्षद बगैर मास्क के थे. हम आपको वह तस्वीर दिखा रहे हैं.


29 जून को नीतीश, तेजस्वी के साथ की थी मीटिंग
इससे पहले 29 जून को सभापति अवधेश नारायण सिंह सचिवालय में नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के साथ बैठक में शामिल हुए थे. ये बैठक मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के चयन को लेकर हुई थी. सचिवालय के मुख्यमंत्री कक्ष में ये बैठक काफी देर तक चली थी.


सीएम से लेकर डिप्टी सीएम और कई नेताओं की होगी जांच
कोरोना इलाज के प्रोटोकॉल के मुताबिक किसी व्यक्ति के संक्रमण में आने के बाद उसके संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों की जांच की जाती है. ऐसे व्यक्तियों को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन में भी रहने का निर्देश है. लिहाजा बिहार के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम समेत विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री के साथ साथ कई मंत्री और विधायक-विधान पार्षदों का टेस्ट हो सकता है. सरकारी नियमों के मुताबिक उन्हें होम क्वारंटीन में भी रहना पड़ेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *